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UP में 142 Health and Wellness Center की हुई शुरुआत, 1065 को मिले नियुक्ति पत्र

Health and Wellness Center की हुई शुरुआत, 1065 को मिले नियुक्ति पत्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने सोमवार अपने आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में लोक सेवा आयोग से नवचयनित 1065 आयुर्वेद/होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये। साथ ही 142 Health and Wellness Center की शुरुआत की। इन नए सेंटर पर Telemedicine के माध्यम से विशेषज्ञों की सलाह की सुविधा दी जाएगी।

सीएम योगी ने कहा कि यह सेंटर हेल्थ टूरिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अभी भले ही यह योग प्रशिक्षण दे रहे हों लेकिन भविष्य में यहां षट्कर्म जैसी विधियों का प्रशिक्षण भी दिया जाना चहिए। सीएम ने इन केंद्रों पर तैनात योग प्रशिक्षकों और सहायकों के कार्यों की सतत समीक्षा के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि दुनिया आयुर्वेद, योग और नेचुरोपैथी जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है।

घर बैठे परामर्श के लिए आयुष टेलीमेडिसिन की हुई शुरुआत

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने आयुष टेलीमेडिसिन सेवा की शुरुआत भी की। जिससे प्रदेशवासी घर बैठे आयुष विशेषज्ञों से परामर्श ले सकेंगे। आयुष टेलीमेडिसिन की राज्यव्यापी सेवा शुरू करने वाला उतर प्रदेश पहला प्रदेश है। जहां प्रथम चरण में गोरखपुर, अयोध्या, लखनऊ सहित 16 जिलों की 384 डिस्पेंसरियां इस व्यवस्था से जोड़ी गई हैं। कोई भी जरूरतमंद आयुष कवच कोविड एप से अपना रजिस्ट्रेशन कर इस आयुष टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ ले सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट लेना होगा और फिर तय समय पर वीडियो /टेली कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेषज्ञों से परामर्श मिल सकेगा। यदि कोई रोगी स्मार्टफोन या इंटरनेट इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं है तो वह नजदीकी आयुष चिकित्सालय में संपर्क कर टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि कोविड काल के अनुभवों ने पूरी दुनिया को प्राचीन भारतीय ऋषि परंपरा की देन इन चिकित्सा विधियों को ग्लोबल स्वीकार्यता दी है। इस लिहाज से उतर प्रदेश को दुनिया के लिए नए हेल्थ टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान दिलाई जाएगी। सीएम ने कहा कि हमारे ऋषियों ने नास्ति मूलं अनौषधं का सूत्र दिया। इसका आशय है कि कोई भी मूल कोई भी वनस्पति ऐसी नहीं है जिसमें औषधीय गुण न हों। जिन दादी के नुस्खों को पुराने मान कर उपेक्षा की जाती थी, आज कोविड काल में वही काढ़ा, हींग, हल्दी, अदरक, काली मिर्च, तुलसी और गिलोय हमारे लिए जीवनदायिनी साबित हुए हैं। इस मौके पर आयुष मंत्री डॉ. धर्म सिंह सैनी, अपर मुख्य सचिव प्रशांत त्रिवेदी, विशेष सचिव राजकमल यादव भी मौजूद थे।

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चिकित्सक चिकित्सा धर्म को बनाएं

मुख्यमंत्री ने चिकित्सकों को वर्चुअल माध्यम से कहा कि आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी नेचुरोपैथी चिकित्सा विधियों में अभी बहुत संभावनाएं हैं। इस क्षेत्र में कॅरियर बनाना महज सरकारी डॉक्टर के पद पर चयनित होने तक सीमित नहीं है, इसे मिशन रूप में लेना होगा। सीएम आवास पर हुए कार्यक्रम में रायबरेली में तैनाती पाने वाली डॉ. श्रेया पांडेय व डॉ. वसीम, कुशीनगर के डॉ.ऋषभ कुमार, बाराबंकी की डॉ. पारुल वर्मा, सीतापुर के डॉ. रत्नेश कुमार, उन्नाव की डॉ. निहारिका गुप्ता, गोंडा की डॉ. तान्या, सुल्तानपुर के डॉ. आशीष गोयल, लखनऊ में तैनाती पाने वाली डॉ. बबिता कैन व डॉ. अदिति सोनकर को नियुक्ति पत्र दिया गया। बाकी सभी को जनप्रतिनिधियों ने नियुक्ति पत्र वितरित किये।

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