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प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे बीजेपी सेक्टर प्रभारी को गोलियों से भूना गया

गोरखपुर – प्रधानी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे भाजपा सेक्टर प्रभारी की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या, हत्यारे फरार

लोकेशन- गोरखपुर

गोरखपुर। प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे भाजपा सेक्टर के प्रभारी की अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब वे गांव के बाहर स्थित कार्यालय से अपने फार्म हाउस के पास पहुंचे थे। बदमाशों ने उन्हें सिर, सीने और पेट में तीन गोलियां मारी। जिसके बाद घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद 3 बाइक सवार बदमाश फरार हो गए।

गोरखपुर में बदमाशों का इकबाल पूरी तरह से बुलंद है। नवागत एसएसपी दिनेश कुमार पी को बदमाशों ने फिर चुनौती दी है. गगहा थानाक्षेत्र में दो दिन पहले दुकानदार शिवशंभू मौर्य और उसके कर्मचारी संजय पाण्‍डेय की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्‍या के बाद बदमाशों ने गुलरिहा थाना क्षेत्र के जेमिनी पैराडाइज के पास रहने वाले भाजपा के सेक्टर प्रभारी और नारायणपुर गांव के पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी. हत्या के बाद बदमाश फरार हो गए.

दोबारा प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे बृजेश सिंह गुलरिहा के नारायणपुर गांव के बाहर बने कार्यालय से कार्यकर्ताओं से बातचीत करके निकल रहे थे. शुक्रवार की रात 10:45 बजे बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर उन्हें गांव में फार्म हाउस के बाहर गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया. बदमाशों ने सिर, सीने और पेट में चार गोलियां मारी है. मौके पर ही उनकी मौत हो गई. 10 मार्च को बदमाशों ने गगहा में पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे भाजपा नेता रितेश मौर्य की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी. तीनों घटनाओं का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर पाई है.

घटना की सूचना मिलने के बाद एसएसपी दिनेश कुमार पी समेत तमाम आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए. उन्होंने मृतक के परिजनों और फार्म हाउस पर काम करने वाले नौकरों से भी पूछताछ की है. हैरत की बात यह है कि घटना के ठीक पहले ही करवा चौथ पर लगे सीसीटीवी कैमरे को बंद कर दिया गया था. जबकि कैमरा हमेशा ऑन रहता था. फार्म हाउस पर रहने वाले महिला और पुरुष कर्मचारियों से भी पुलिस पूछताछ कर रही है.

पूर्व प्रधान और भाजपा के सेक्टर प्रभारी बृजेश सिंह छह भाई और एक बहन में चौथे नंबर के रहे हैं. प्रधानी चुनाव के साथ ही प‍ुलिस प्रापर्टी विवाद में हत्‍या के एंगल पर भी काम कर रही है. कुछ दिन पूर्व बृजेश का एक प्रापर्टी डीलर से विवाद भी हुआ था. बृजेश के पिता गुप्तेश्वर सिंह गुलरिहा थाने के थानेदार रह चुके हैं. पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की हत्या को फिलहाल चुनावी रंजिश के साथ ही प्रापर्टी के विवाद से भी जोड़कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. कुछ दिन पहले उनका प्रापर्टी को लेकर विवाद हुआ था. वहीं अच्छे जनाधार की वजह से इस बार उनकी प्रधानी की दवेदारी भी तय मानी जा रही थी.

बृजेश सिंह ने एक बार फिर अपनी दावेदारी पेश कर दी थी. बृजेश सिंह की मां भी बीडीसी सदस्य रह चुकी हैं. वह भी इस बार बीडीसी के लिए पर्चा ली थीं. शनिवार को ही मां और बेटे का पर्चा दाखिला होना था. बृजेश सिंह की पत्नी मेडिकल कालेज में कर्मचारी हैं. बृजेश सिंह की मेडिकल कालेज के पास मेडिकल स्टोर की दुकान भी है. दुकान को उन्होंने किसी और को चालने के लिए दिया है. बृजेश सिंह छह भाई और एक बहन थे। वह भाइयों में चौथे नम्बर पर थे. पांच साल पहले उनके पिता का देहांत हो चुका है. बृजेश सिंह एक बेटी और दो बेटे के पिता थे.

गुलरिहा थानाक्षेत्र के नारायणपुर गांव में उनके फार्म हाउस के पड़ोस में रहने वाली बुजर्ग महिला सिताबी देवी ने बताया कि घटना के समय गोली की आवाज सुनी. उसकी गर्भवती नतिनी ने घर के अंदर से कहा कि कोई पटाखा फोड़ रहा है. उसे मना कर दें. बाद में उसे गोली चलने की जानकारी हुई. महिला घर के बाहर से देखी, तो तीन की संख्या में बदमाश भागते हुए दिखाई दिए. उसके कुछ देर बाद भीड़ जुटने पर उसे हत्‍या की वारदात के बारे में जानकारी हुई. बदमाश बाइक से फरार हो गए.

हत्या की खबर के बाद शहर और बार्डर के इलाकों में नाकाबंदी कर पुलिस ने देर रात तक तलाशी ली. लेकिन पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिली. पुलिस अफसरों ने मौका-ए वारदात का भी निरीक्षण किया. वहां से दो खोखा भी पुलिस ने बरामद किया. एसएसपी दिनेश कुमार पी ने बताया कि बृजेश सिंह की गोली मारकर अज्ञात बदमाशों ने हत्‍या कर दी है. शुक्रवार की रात 10.45 बजे हत्‍या की वारदात को अंजाम दिया गया है. उन्‍होंने बताया कि पुलिस जांच कर रही है. हत्‍यारों के सुराग तलाशे जा रहे हैं. पुलिस चुनाव के साथ प्रापर्टी विवाद को भी केन्‍द्र में रखकर जांच कर रही है.

मूलतः वाराणसी के ढेबरूवा के रहने वाले गुप्तेश्वर सिंह पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के तौर पर गोरखपुर आए थे. यहीं पर नौकरी के दौरान उन्होंने मेडिकल कालेज के पास मोगलहा में मकान बनवा लिया. वह 1972 में गुलरिहा के थानेदार भी रहे. 1987 में गुलरिहा थाने से ही वह रिटायर हो गए थे. उन्होंने गुलरिहा थाने से कुछ दूरी पर स्थित नारायनपुर गांव में भी मकान बनवाया और जमीन खरीदी. गुप्तेश्वर सिंह का इलाके में काफी नाम था इसका उनके परिवार को फायदा भी मिला. उनके बेटे बृजेश सिंह 2010 में नारायनपुर गांव से प्रधान थे. पिछली बार की सीट पिछड़ी के लिए आरक्षित हो गई थी. इस बार फिर नारायनपुर गांव की प्रधानी की सीट अनारक्षित हुई है।

https://www.youtube.com/watch?v=JOCHC_QMxRQ

 

 

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