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कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए वैक्सीन को लेकर देशों के अपने अपने दावे, जानिये क्या है हकीकत ?

file photo

कोरोना संकटकाल जहां पूरी दुनिया के लिए चुनौती बना हुआ है तो वहीं अलग-अलग देश इस चुनौती से निपटने के लिए अपने अपने स्तर पर दावे कर रहे हैं दुनिया भर के वैज्ञानिक दिन रात मेहनत करके इस वैश्विक बीमारी के निराकरण के लिए वैक्सीन तैयार करने में जुटे हुए हैं लेकिन इन सबके बीच बड़ा सवाल लोगों के अंदर जल्दी-जल्दी इस वैक्सीन को खोजने की उत्सुकता का है पर हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वैक्सीन को तैयार करने में सालों लग जाते हैं और यह बहुत सामान्य बात है कि वैक्सीन के विकास की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुजरती है पहला फेस लेबोरेटरी में होता है उसके बाद जानवरों पर परीक्षण किया जाता है अगर यह स्पष्ट हो जाता है कि वैक्सीन कैसे सुरक्षित है इंसानों पर | तो इसका परीक्षण शुरू किया जाता है| फिलहाल अच्छी बात है कि 3 महीने के भीतर कोविड 19 की वैक्सीन पर काम कर रही 90 रिसर्च टीमों में 6 उस मुकाम पर पहुंच गई हैं जिसे बहुत बड़ा लक्ष्य माना जाता है और वह है इंसानों पर परीक्षण|

इस समय दुनिया में 6 टीके हैं जिन पर वैज्ञानिकों द्वारा परीक्षण किया जा रहा है
एमआरएनए 1273 वैक्सीन : वैज्ञानिकों ने लैब में कुरान वायरस का जेनेटिक कोड तैयार किया है उसकी एक छोटे से हिस्से को व्यक्ति के शरीर में सेट किए जाने की जरूरत होगी वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि इसे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी|

आईएनओ 4801 वैक्सीन :

इसमें मरीज के सेल्स में प्लाज्मिड के जरिए सीधे डीएनए किया जाएगा इससे मरीज के शरीर में संक्रमण से लड़ने के लिए एंटीबॉडीज का निर्माण होने की उम्मीद है

AD5-nCoV वैक्सीन
इस्तेमाल किया जाता है वैज्ञानिकों का अंदाजा है कि यह उस प्रोटीन को सक्रिय कर देगा जो संक्रमण से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता में मददगार हो सकता है l

L V- s m e n p DC vaccine

इसमें एचआईवी जैसी बीमारी के लिए जिम्मेदार लेन्टीवायरस से तैयार की गई उन कोशिकाओं का इस्तेमाल किया जाता है जो प्रतिरोधक क्षमता में सक्रिय कर करती हैं

सी एच ए डी ओ X1 वैक्सीन:

वैज्ञानिक पहले भी इस तकनीक का इस्तेमाल करते रहे हैं इसकी मदद से मर्स कोरोना वायरस की वैक्सीन विकसित की गई है बताया जा रहा है कि इस वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल से सकारात्मक परिणाम मिले हैं खैर अलग-अलग आबादी का अलग-अलग उम्र के लोगों पर इसका क्या असर होगा यह समय के साथ ही पता लग पाएगा और प्रभावशाली वैक्सीन तैयार करना उसे मंजूरी मिलना केवल पहला कदम होगा उसके बाद असली चुनौती अरबों लोगों के लिए इस वैक्सीन के उत्पादन और जरूरतमंद लोगों तक इसको पहुंचाने की होगी

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