Shadow

जानिये क्यों हो रहा है कृषि बिलों को लेकर संसद से सड़क तक विरोध ?

फाइल फोटो 

नई दिल्ली। इन दिनों लोकसभा में पेश हुए कृषि बिलों को लेकर संसद से सड़क तक हंगामा मचा हुआ है। जहां एक तरफ किसान सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने हो गए हैं। सरकार का कहना है कि वह इस बिल के माध्यम से 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का सपना देख रही है तो वहीं विपक्ष इस बिल को किसान विरोधी बता रहा है इतना ही नहीं खुद एनडीए के मंत्रीमंडल में शामिल खाद्य प्रसंस्करण मंत्री हरसिमरत कौर बादल इन बिलों के विरोध में इस्तीफा भी दे चुकी हैं। पूरे देश में विपक्ष के साथ साथ कई किसान संगठन भी इन बिलों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि बिल को लेकर पक्ष विपक्ष का क्या कहना है।

UNLOCK-4: इन राज्यों में खोले जा रहे हैं स्कूल-कॉलेज, जानिये किन राज्यों ने किया खारिज..

क्या है बिल-

सरकार का कहना है कि ये बिल किसानों के लिए वरदान है। इनका उद्देश्य किसानों को उपज के लिए लाभकारी मूल्य दिलाना है जो कि खुद किसान सुनिश्चित करेंगे।  बताते हैं कि क्या है कृषि बिल- नए विधेयकों के मुताबिक अब व्यापारी मंडी से बाहर भी किसानों की फसल खरीद सकेंगे। पहले फसल की खरीद केवल मंडी में ही होती थी लेकिन अब मंडी के बाहर भी खरीद फरोख्त हो पाएगी। केंद्र ने अब दाल, आलू, प्याज, अनाज और खाद्य तेल आदि को आवश्यक वस्तु नियम से बाहर कर दिया है। केंद्र ने कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को बढ़ावा देने पर भी काम शुरू कर दिया है।

क्यों हो रहा है विरोध-

इस बिल को लेकर किसान संगठनों का आरोप है कि इससे यह क्षेत्र भी पूंजीपतियों या कॉरपोरेट घरानों की हाथों में चला जाएगा और इसका नुकसान किसानों को ही होगा। अब बाजार में एक बार फिर पूंजीपतियों का बोलबाला होगा और किसान के हाथों में कुछ नहीं आयेगा। यह विधेयक बड़ी कंपनियों द्वारा किसानों के शोषण की स्थिति को जन्म देने वाला है। कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य बिल पर किसानों को सबसे ज्यादा आपत्ति है किसानों का कहना है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रणाली का प्रावधान खत्म हो जाएगा जो किसानों के लिए सही नहीं है।
विरोध समर्थन के बीच इन बिलों का धरातल पर क्या परिणाम होगा तो बाद में ही पता चल पायेगा। लेकिन उम्मीद करते हैं कि सभी को अन्न देने वाले अन्नदाता को इसका बेहतर ही परिणाम मिले।

डॉ. कफ़ील खान ने परिवार समेत की कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *