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यूपी के इन शहरों में लग सकता है लॉकडाउन, कोर्ट ने योगी सरकार को दिए निर्देश

देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी कोरोना का कहर बड़ी तेजी से बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना का प्रकोप बड़े शहरों में अधिक दिखाई दे रहा है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे शहरों में रोज का आंकड़ा पिछला रिकॉर्ड तोड़ रहा है। जिसका संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को कोरोना संक्रमण से अधिक प्रभावित प्रदेश के शहरों में दो या तीन सप्ताह के लिए पूर्ण लॉकडाउन लगाने पर विचार करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि खुले मैदानों में अस्थायी अस्पताल बनाकर कोरोना पीड़ितों के इलाज की व्यवस्था की जाए। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि संक्रमण फैले एक साल हो गए लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं में अच्छे से सुधार नहीं हो सका।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोरोना मामले की एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि नाइट कर्फ्यू संक्रमण फैलाव रोकने के छोटे कदम हैं। ये नाइट पार्टी एवं नवरात्रि या रमजान में धार्मिक भीड़ तक ही सीमित हैं। कोर्ट ने कहा कि दिन में भी गैर जरूरी यातायात को नियंत्रित किया जाए। जीवन रहेगा तभी सब कुछ है। अर्थ व्यवस्था भी ठीक हो जाएगी। कोरोना संक्रमण पर बेहद सख्त रुख दिखाते हुए कोर्ट ने कहा है कि सड़क पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के न दिखाई दे नहीं तो पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्यवाही की जाएगी। साथ ही कोर्ट ने सरकार को ट्रैकिंग, टेस्टिंग व ट्रीटमेंट में तेजी लाने और शहरों में खुले मैदान में अस्थायी अस्पताल बनाकर कोरोना पीड़ितों के इलाज की व्यवस्था कराने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने यह भी कहा कि विकास व्यक्तियों के लिए है। जब आदमी ही नहीं रहेंगे तो विकास का क्या अर्थ रह जाएगा। बढ़ते संक्रमण पर चिंता जताते हुए कोर्ट ने कहा कि लॉकडाउन लगाना सही नहीं है लेकिन जिस तरह से संक्रमण फैल रहा है, उसे देखते हुए सरकार को बड़ी संख्या वाले संक्रमित शहरों में लॉकडाउन लगाने पर विचार करना चाहिए।

अब देखने वाले बात ये होगी कि कोर्ट के इस सुझाव के बाद सरकार क्या कदम उठाती है और कैसे रोज बढ़ने वाली कोरोना संक्रमितों की संख्या को नियंत्रित करती है।

 

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