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अवैध निर्माण का ‘हॉटस्पॉट’ बना लखनऊ, एलडीए वीसी हुए फेल।

लखनऊ विकास प्राधिकरण शहर में सुनियोजित विकास के लिए जिम्मेदार है। इसके लिए भवन निर्माण एवं उपविधि के अनुसार मकान बनाने व भू उपयोग के अनुसार भवन बनाए जाने का नियम है। इसके अनुपालन की जिम्मेदारी एलडीए की है। शहर में अवैध निर्माणों और भू उपयोग परिवर्तन के विपरीत गतिविधियों पर लखनऊ विकास प्राधिकरण की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। प्राधिकरण के कुछ इंजीनियर अवैध निर्माणों को हवा दे रहे हैं। जिसके चलते लखनऊ अवैध निर्माण का ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है।

लखनऊ शहर के दिल कहे जाने वाले हज़रतगंज, कैसरबाग और अमीनाबाद में अनगिनत अवैधनिर्माण खुलेआम जारी हैं, लेकि प्रदबिकरण के ज़िम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, अवैध निर्माण को लेकर आये दिन हाईकोर्ट एलडीए और जिला प्रशासन को फटकार लगाता रहता है उसके बावजूद प्राधिकरण के अभियंता अवैध कमाई के लालच में अवैध निर्माण के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते, बल्कि अवैध निर्माण को संरक्षण देने में लगे रहते है ।

एलडीए जोन 6 कैसरबाग और अमीनाबाद इन दिनों अवैध निर्माण का हॉट स्पॉट बन गया है, सकरी सकरी गालियों में भव्य अवैध निर्माण किये जा रहे हैं। नियम विपरीत भवन बनाने पर निर्माणाधीन भवन का निर्माण रोके जाने अथवा सीलिंग किया जाना चाहिए। लेकिन क्षेत्रीय इंजीनियरों की आंख के नीचे भवन, अपार्टमेंट अथवा कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार हो जाता है और कोई कार्रवाई नहीँ की जाती है।

एलडीए उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी को न तो लखनऊ में अवैध निर्माण ही दिखाई देते हैं और ना ही अवैध निर्माण को संरक्षण देने वाले उनके अपने मातहत, लेकिन आज से हम एलडीए वीसी को बताएंगे और दिखाएंगे भी कि कहाँ कहाँ कौन कौन से जोन में किस अभियंता के संरक्षण में कितने अवैध निर्माण कराये जा रहे हैं।

आज बात करेंगे जोन 6 के कैसरबाग की, अकेले कैसरबाग में अवर अभियन्ता इस्माइल खान के संरक्षण में 3 दर्जन से अधिक अवैध निर्माण कराये जा रहे हैं। आज हम आपको बताएंगे एलडीए अभियंता इस्माइल खान के संरक्षण में चल रहे कुछ अवैध निर्माण।

अवैध निर्माण नंबर 1

कैसरबाग में भारतीय अवाम सोसाइटी 119/50 हाता दरबारी लाल, खंदारी बाजार लाल के बगल में जारी है भव्य अवैध अपार्टमेंट का निर्माण, इस निर्माण के संबंध में स्थानीय लोगों ने कई बार अधिशासी अभियंता से लेकर एलडीए उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी तक से शिकायत की, लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं की गई, उल्टा शिकायत करने वालों का नाम अवर अभियंता इस्माइल खान द्वारा सार्वजनिक कर दिया गया।

अवैध निर्माण नम्बर 2

कैसरबाग क्षेत्र अंतर्गत आने वाले मछली मोहाल में अकेले आधा दर्जन से अधिक अवैध निर्माण कराये जा रहे हैं, मछली मोहाल के लाल कोठी के पास ‘सफेद दरवाज़ा’ के अंदर अवैध निर्माण किया जा रहा है, इस निर्माण के खिलाफ भी एलडीए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा, न कोई कार्रवाई हुई न ही अवैध निर्माण ही बन्द हुआ ।

अवैध निर्माण नम्बर 3

मछली मोहाल के जम्बूर खाना में भी कई अवैध निर्माण एक साथ जारी हैं, यहां 9 जुलाई 2019 को विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास के आदेश पर एक अवैध निर्माण सील किया गया, जिसमे 1 हफ्ते बाद ही फिर से अवैध निर्माण शुरु करा दिया गया, साथ ही इस अवैध निर्माण के आस वास 3 और अवैध निर्माण जारी हैं जिनके खिलाफ कोई कार्रवाई एलडीए द्वारा नहीं की गई, इन अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के एवज में अवर अभियंता इस्माइल खान प्रति माह मोटी रकम की वसूली कर रहे हैं।

अवैध निर्माण नंबर 4

कैसरबाग के ही डॉक्टर मोतीलाल बोस मार्ग पर अल खैर जनरल स्टोर के ठीक बगल में अवैध निर्माण किया जा रहा है, इस अवैध निर्माण को भी अवर अभियंता इस्माइल खान का संरक्षण मिला हुआ है, मेन रोड पर जारी इस अवैध निर्माण पर एलडीए की किसी भी ज़िम्मेदार की आज तक निगाह नहीं गई, वजह भी साफ है हर महीने रिश्वत की मोटी काली पट्टी जो चढ़ाई जाती है।

अवैध निर्माण नंबर 5

कैसरबाग के काली बाड़ी मंदिर के पास भी अवैध निर्माण जारी है, 10 फ़ीट से भी कम चौड़ी सड़क पर भव्य अवैध अपार्टमेंट का निर्माण किया जा रहा है, ये निर्माण भी प्राधिकरण के जिम्मेदारों को दिखाई नहीं देता, स्थानीय लोगों का कहना है अवैध निर्माण के खिलाफ यहाँ से 1 दर्जन से अधिक शिकायतें सीधे एलडीए वीसी तक भेजी जा चुकी है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई ।

अवैध निर्माण नंबर 6

शुभम सिनेमा के ठीक सामने घसियारी मंडी में 1 ,2 नहीं बल्कि 1 दर्जन से अधिक दुकानों का निर्माण अवर अभियंता इस्माइल खान के संरक्षण में हो गया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

अवैध निर्माण नंबर 7

अवर अभियंता इस्माइल खान के नेतृत्व में पुराना एलडीए कार्यालय के पास शर्मा होटल के सामने नाले पर भव्य अवैध निर्माण कर लिया गया, लेकिन किसी की नज़र नहीं गई, 5 मंज़िल का अवैध निर्माण होने के बाद विहित प्राधिकारी ऋतु सुहास के संज्ञान में मामला आया, निर्माण को सील किया गया, लेकिन अवर अभियंता इस्माइल खान ने बिल्डर से ‘सेटिंग’ की और मोटी रकम लेने के बाद फिर से काम शुरू करने की ‘एनओसी’ जारी कर दी, ये एनओसी कैसे और किस नियम के तहत दी गई ये तो एलडीए उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी ही बता पाएंगे।

अवैध निर्माण नंबर 8

खंदारी बाजार में सरकारी स्कूल के पास भी भव्य 5 मंज़िल का अवैध निर्माण खुलेआम जारी है, कई बार वीसी से शिकायत हुई, लेकिन निर्माण बन्द नहीं हुआ।

अवैध निर्माण नंबर 9

कैसरबाग के इस्लामिया कॉलेज के पास ‘एलोरा होटल’ के पीछे भी 5 मंज़िला अवैध अपार्टमेंट का निर्माण जारी है, इस अपार्टमेंट का न तो मानचित्र ही स्वीकृत है और न ही पार्किंग का कोई इंतिज़ाम, साथ ही फायर संबंधी किसी भी नियम का यहां पालन नहीं किया गया है, फिर भी बे रोक टोक निर्माण कार्य जारी है, शिकायत भी अवर अभियंता से लेकर वीसी तक की गई, कार्रवाई सिफर

अवैध निर्माण नंबर 10

कैसरबाग के डॉक्टर सूजा रोड पर अवर अभियंता इस्माइल खान ने कई सालों से सील अवैध अपार्टमेंट को अवैध ढंग से खोलने के आदेश पारित कर दिए, सूत्र बताते हैं इस बिल्डिंग की सील खोलने के लिए इस्माइल खान को बहुत मोटा चढ़ावा भी चढ़ाया गया, चढ़ावा इतना मोटा था कि खां साहब की जेबें भी कम पड़ गई।

बिल्डरों को पसंद है ज़हीरदुद्दीन और इस्माइल की जोड़ी

जय वीरू से भी मजबूत है अधिशासी अभियंता ज़हीरदुद्दीन और अवर अभियंता इस्माइल खान की जोड़ी, इस्माइल खान के संरक्षण में जारी अवैध निर्माण को एक्सईएन ज़हीरदुद्दीन ऐसे नज़र अन्दाज़ करते हैं जैसे कुछ हुआ ही न हुआ हो, सैकड़ों शिकायतें आने के बावजूद ‘जनेऊ’ भाई ज़हीरदुद्दीन को इस्माइल खान में कोई कमी नही दिखाई देती ।

बिल्डर से मिलने वाली रकम का होता है बंटवारा

सूत्रों के अनुसार अवैध निर्माण को संरक्षण देने के एवज में बिल्डर अवर अभियंता को हर महीना मोटा चढावा चढ़ाते है, प्रति अवैध निर्माण 50 हज़ार रुपये महीना और प्रति स्लैब 1 लाख रुपये की वसूली अवर अभियंता द्वारा की जाती है, अकेले कैसरबाग में लगभग 3 दर्जन अवैध निर्माण किये जा रहे हैं, इसके हिसाब से लगभग 18 लाख रुपये प्रति माह की वसूली कैसरबाग से होती है, स्लैब से मिलने वाली रकम अलग आती है, हर माह अगर 10 स्लैब पड़ती हैं तो 10 लाख अलग से आता है, इस तरह अकेले कैसरबाग क्षेत्र से लगभग 25 लाख की वसूली एलडीए अभियंताओं द्वारा की जाती है। ये सिर्फ कैसरबाग क्षेत्र से आने वाली रकम है, इसके साथ ही अभियंता इस्माइल खान अमीनाबाद का क्षेत्र भी देख रहे हैं।

इसके अलावा सील बिल्डर को अवैध ढंग से फिर से शुरू कराने के एवज में जो कमाई होती है वो अलग है। हालांकि एलडीए सूत्रों का कहना है यह रकम ज़हीरदुद्दीन और इस्माइल खान अकेले नहीं निपटाते बल्कि इसका बंटवारा ‘सब’ में होता है, ऊपर से लेकर नीचे तक काली कमाई का बंटवारा होता है इसलिए भ्रष्ट अभियंताओं के खिलाफ शिकायत पर शिकायत आने के बावजूद कोई कार्रवाईनहीं की जाती है और अवैध निर्माण जारी रहते हैं।

महाभ्रष्ट पूर्व वीसी के समय भी इतने बद्दतर नहीं थे एलडीए के हालात

पूर्व वीसी सत्येंद्र सिंह के समय में अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार एलडीए में अपने चरम पर था, अवैध निर्माण करने वालों को संरक्षण दिया जाता था, लेकिन शिकायत पर कार्रवाई भी होती थी, लेकिन मौजूदा समय में एलडीए के हालात बद से बद्दतर होते जा रहे हैं, एलडीए उपाध्यक्ष से शिकायतों के बावजूद खुलेआम अवैध निर्माण हो रहे हैं, अभियंता खुलेआम अवैध वसूली कर रहे हैं, न अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है और न ही भ्रष्ट अभियंताओं के खिलाफ ही कोई एक्शन लिया जा रहा है।

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