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NEP-2020 : PM मोदी ने कहा- हमें छात्रों को 21वीं सदी की स्किल्स के साथ आगे बढ़ाना है

फाइल फोटो

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने नई शिक्षा नीति को 21वीं सदी की भारत को नई दिशा दिखाने वाला बताया है। पीएम ने कहा कि अभी हमारा काम बस शुरू हुआ है। इस नीति को असरदार तरीके से सभी जगह लागू करना होगा।

प्रधानमंत्री ने नई शिक्षा नीति में ’21वीं सदी में स्कूल एजुकेशन’ कॉन्क्लेव में कहा कि केंद्र सरकार को एक सप्ताह के भीतर ही नई शिक्षा नीति को लेकर 15 लाख सलाह मिले हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्रों को केंद्रित करके बनाया गया है। उनके तनाव को कम करने और खोजपरक शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है।

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– हमें अपने स्टूडेंट्स को 21वीं सदी की स्किल्स के साथ आगे बढ़ाना है। ये 21वीं सदी की स्किल्स क्या होंगी? ये होंगी: क्रिटिकल थिंकिंग, क्रिएटिविटी, कोलेबोरेशन, क्यूरोसिटी और कम्युनिकेशन।
– एनईपी को इसी तरह तैयार किया गया है ताकि सिलेबस को कम किया जा सके और फंडामेंटल चीजों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके। लर्निंग को इंटिग्रेटिड एवं इंटर-डिसिप्लीनेरी, फन बेस्ड और कंप्लीट एक्सपीरियंस बनाने के लिए एक नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क डेवलप किया जाएगा।
– कितने ही प्रोफेशन हैं जिनके लिए डीप स्किल्स की जरूरत होती है, लेकिन हम उन्हें महत्व ही नहीं देते। अगर स्टूडेंट्स इन्हें देखेंगे तो एक तरह का भावनात्मक जुड़ाव होगा, उनकी रिस्पेक्ट करेंगे। हो सकता है बड़े होकर इनमें से कई बच्चे ऐसे ही उद्योगों से जुड़ें, उन्हें आगे बढ़ाएं।
– हमारे देश भर में हर क्षेत्र की अपनी कुछ न कुछ खूबी है, कोई न कोई पारंपरिक कला, कारीगरी, प्रोडक्ट्स हर जगह के मशहूर हैं। स्टूडेंट्स उन करघों, हथकरघों में विजिट करें, देखें आखिर ये कपड़े बनते कैसे हैं? स्कूल में भी ऐसे स्किल्ड लोगों को बुलाया जा सकता है।
– हमें आसान और नए-नए तौर-तरीकों को बढ़ाना होगा। हमारे ये प्रयोग, न्यू एज लर्निंग का मूलमंत्र होना चाहिए- इंगेज, एक्सप्लोर, एक्सपीरियंस, एक्सप्रेस और एक्सेल।

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– मूलभूत शिक्षा पर ध्यान इस नीति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी के विकास को एक राष्ट्रीस मिशन के रूप में लिया जाएगा।- जब शिक्षा को आस-पास के परिवेश से जोड़ दिया जाता है तो, उसका प्रभाव विद्यार्थी के पूरे जीवन पर पड़ता है, पूरे समाज पर भी पड़ता है। आज हम देखें तो प्री-स्कूल की प्लेफुल एजुकेशन शहरों में प्राइवेट स्कूलों तक ही सीमित है। ये शिक्षा व्यवस्था अब गांवों में भी पहुंचेगी, गरीब के घर तक पहुंचेगी।

पीएम ने कहा कि कुछ दिन पहले शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने के बारे में देश भर के शिक्षकों से #MyGov पर उनके सुझाव मांगे थे। एक सप्ताह के भीतर ही 15 लाख से ज्यादा सुझाव मिले हैं। ये सुझाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति को और ज्यादा प्रभावी तरीके से लागू करने में मदद करेंगे। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश भर में हर क्षेत्र की अपनी कुछ न कुछ खूबी है, कोई न कोई पारंपरिक कला, कारीगरी, प्रोडक्ट्स हर जगह के मशहूर हैं। स्टूडेंट्स उन करघों, हथकरघों में दौरा करें, देखें आखिर ये कपड़े बनते कैसे हैं? इससे विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ेगी और जानकारी भी।

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