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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू, 1 अक्टूबर से मतदाता सूची का पुनरीक्षण

File photo

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम का खाका तय कर दिया है। यूपी में ग्राम प्रधान समेत सभी पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अभी चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन मंगलवार से औपाचारिक शुरुआत हो गई है।

उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मनोज कुमार के जारी आदेश के क्रम में कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन करते हुए एक अक्टूबर से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू होगा। 15 सितंबर से बीएलओ तथा पर्यवेक्षकों को काम बांटने के साथ स्टेशनरी वितरण का काम शुरू कर दिया गया है।

यह दोनों काम 30 सितंबर तक खत्म कर लेने होंगे। इसके बाद 1 अक्टूबर से 12 नवंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर गणना तथा सर्वेक्षण का कार्य करेंगे। एक अक्टूबर से पांच नवंबर में मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने या फिर संशोधन का काम ऑनलाइन हो किया जाएगा। छह नवंबर से 12 नवंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर ऑनलाइन से प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच करेंगे।

इसके बाद 13 नवंबर से 5 दिसंबर तक ड्राफ्ट नामावलियों की कम्प्यूटर से पांडुलिपि तैयार की जाएगी। 6 दिसंबर से ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। 6 से 12 दिसंबर तक ड्राफ्ट के रूप में प्रकाशित नामावली का निरीक्षण किया जाएगा। 6 से 12 दिसंबर के बीच में ही दावा तथा आपत्ति प्राप्त की जाएगी। 13 से 19 दिसंबर तक दावा तथा आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। वहीं इसके बाद 20 से 28 दिसंबर तक पांडुलिपि को मूल स्थान में समाहित करने की कार्यवाही होगी। प्रदेश में 29 दिसम्बर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।

आयोग से बुकलेट और प्रपत्र पहले ही भेजे जा चुके हैं। पहले डोर टू डोर सर्वे होगा। बीएलओ गणना कार्ड पर नाम नोट करेंगे, जो पहले से नाम है उनके आधार और मोबाइल नंबर लिए जाएंगे। इसके बाद जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में बचेंगे, उनके नाम फार्म भरवाकर शामिल किये जाएंगे।

बता दें कि उत्तर प्रदेश की 59,163 ग्राम पंचायतों के मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल आगामी 25 दिसंबर को समाप्त हो रहा है। 13 जनवरी 2021 को जिला पंचायत अध्यक्ष और 17 मार्च को क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा हो रहा है। माना जा रहा है उत्तर प्रदेश सरकार इस बार जिला पंचायत सदस्य, बीडीसी, प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव एक साथ कराएगी। आयोग से अभी जिलों को जो तैयारी कराने के निर्देश दिलवाए गए हैं, वह चारों पदों पर एक साथ चुनाव कराए जाने के क्रम में हैं। इससे स्पष्ट है कि यूपी में जब भी चुनाव होंगे सभी पदों पर एक साथ होंगे। इसके अलावा जिन ग्राम पंचायतों का पिछले पांच वर्ष में शहरी निकायों में विलय हुआ है उनको हटाकर अब ऐसी पंचायतों के नए सिरे से वार्ड भी तय होने हैं।

अब अगले साल ही चुनाव की संभावना बनती नजर आ रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म कर ग्राम प्रधान और वार्ड सदस्यों को मिलाकर प्रशासनिक समिति का गठन कर सकती है। इस दौरान मौजदा ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाकर उनसे ही गांव में विकास कार्य करवाए जा सकते हैं।

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