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लखनऊ विश्वविद्यालय के गर्ल्स हॉस्टल में लगे नोटिस पर मचा बवाल, जानिये क्यों

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के तिलक गर्ल्स छात्रावास के प्रोवोस्ट के नाम से जारी एक नोटिस बृहस्पतिवार को विवादों में आ गई है। प्रोवोस्ट की ओर से जारी इस नोटिस में ‘छात्राओं को हॉस्टल परिसर में कमरे से बाहर शॉर्ट्स, घुटनों से ऊपर कपड़े, मिनी स्कर्ट, माइक्रो स्कर्ट न पहनने को कहा गया है। छात्राओं को स्पैगेटी या वल्गर टॉप्स भी न पहनने को कहा गया है। अगर कोई छात्रा ऐसा करती है तो उस पर 100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।’ 17 मार्च को जारी यह नोटिस बृहस्पतिवार को सुबह ही ट्वीटर पर किसी ने ट्वीट कर दी। थोड़ी देर बाद छात्रों की तरफ से इसे वाट्सअप ग्रुपों पर साझा कर विवि में छात्राओं पर अनावश्यक पाबंदी लगाने और जुर्माना वसूलने का आरोप लगाया। कहा गया कि गेस्ट चार्ज के नाम पर भी छात्राओं से जुर्माना लिया जा रहा है। हॉस्टल में थोड़ी भी देर से आने पर जुर्माना लगाया जा रहा है। कुछ ही देर में यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। छात्राएं सोशल मीडिया पर भी इसकी आलोचना करने लगी। उन्होंने कहा कि परिसर में मिशन शक्ति का नारा बेमानी है। कुछ ही देर में यह नोटिस हॉस्टल और परिसर में छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस तरह की किसी भी नोटिस जारी करने की बात से इंकार किया। इसके बाद भी छात्रों की ओर से इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर काफी उछाला गया है।

प्रोवोस्ट व चीफ प्रोवोस्ट ने कहा नहीं जारी की कोई नोटिस
हॉस्टल प्रोवोस्ट डॉ. भुवनेश्वरी भारद्वाज ने कहा कि उनकी तरफ से इस तरह की कोई नोटिस नहीं जारी की गई है। यह किसी की शरारत है। अगर कोई नोटिस जारी की गई होती तो वो टाइप करके और सिग्नेचर के साथ लगाई जाती है। इस तरह पेन से लिखकर सादे कागज पर नहीं। चीफ प्रोवोस्ट प्रो. नलिनी पांडेय ने भी इस तरह की किसी नोटिस को जारी करने से इंकार किया।

छात्राओं के साथ बढ़ी टोकाटाकी का तो परिणाम नहीं
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार हाल के दिनों में छात्रावास में छात्राओं के साथ थोड़ी सख्ती की गई है। हॉस्टल के विजिटिंग रूम में उन्हें ही आने की अनुमति दी जा रही है, जिसका उल्लेख उन्होंने अपने आवेदन फार्म में परिजन के रूप में किया है। इतना ही नहीं उन्हें शाम 7 बजे तक हर हाल में हॉस्टल आने के लिए कहा गया है। जबकि छात्राएं इस समय को बढ़ाकर 08-09 करने की मांग कर रही हैं। चर्चा यह भी है कि इसी टोकाटाकी का परिणाम यह नोटिस है।

महिला नेताओं ने कहा- सोच बदलो मुख्यमंत्री जी
तीरथ सिंह रावत के बयान पर तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी, कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने निशाना साधा है। प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘देश की संस्कृति और संस्कार पर उन पुरुषों से फर्क पड़ता है, जो महिलाओं और उनके कपड़ों को जज करते हैं। सोच बदलो मुख्यमंत्री जी, तभी देश बदलेगा।’ वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि मुख्यमंत्री जैसे कद के व्यक्ति को किसी के पहनावे पर अशिष्ट टिप्पणी बिल्कुल शोभा नहीं देती।

गुल पनाग ने शेयर की तस्वीर, नव्या ने कसा तंज
अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या नवेली नंदा के बाद एक्ट्रेस और नेता गुल पनाग ने भी सीएम तीरथ के बयान पर तंज कसा है। गुल पनाग ने सोशल मीडिया पर फटी जीन्स पहने हुए अपनी एक तस्वीर साझा की है। इससे पहले अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या ने उत्तराखंड के सीएम को आईना दिखाने की कोशिश की थी। इंस्टा स्टोरी पर नव्या ने लिखा था, ‘हमारे कपड़ों को बदलने से पहले अपनी मानसिकता बदलिए।’ उन्होंने सीएम को अपनी मानसिकता बदलने की नसीहत दी थी।

मामले पर वीसी ने दी सफाई
इस मामले पर विश्वविद्यालय के वीसी एके राय सामने आए और उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि प्रशासन या प्रॉक्टर की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है। प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले नोटिस कंप्यूटर लिखित होते हैं जबकि वायरल हो रहा नोटिस हस्तलिखित है। उन्होंने इसे किसी की शरारत बताया है।

क्या है पूरा मामला
सीएम रावत मंगलवार को बाल अधिकार सरंक्षण आयोग द्वारा बच्चों में बढ़ती नशे की लत, रोकथाम और पुनर्वास विषय पर आयोजित सम्मेलन में बोल रहे थे। सीएम तीरथ सिंह रावत ने कहा कि भौतिकवाद की चकाचौंध के पीछे आज यहां का नौजवान और नौजवान ही नहीं युवतियां भी भाग रही हैं। जो देखा वही करने लगते हैं। टीवी में देखा बढ़िया सी जीन्स का एडवर्टाइजमेंट तो दूसरे दिन वही आ जाती है। पहली पसंद होती है फटी हुई जींस। उन्‍होंने कहा कि जिसने फटी हुई जीन्स पहनी वो बड़े बाप का बेटा हो गया। फटी हुई जींस पहनना स्टेटस सिंबल हो गया है।

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