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गीता प्रेस की अनूठी पहल, अयोध्या और राम जन्मभूमि पर प्रकाशित होंगी दो पुस्तकें

गीता प्रेस की एक और पहल।अब गीता प्रेस की पुस्तकों से झलकेगी अयोध्या

गोरखपुर। गीता प्रेस अयोध्या और राम जन्मभूमि पर आधारित दो पुस्तकों को जल्द ही प्रकाशित करेगी, दोनों पुस्तकें एक अयोध्या दर्शन और दूसरा अयोध्या महात्म्य के नाम से प्रकाशित होगी, इसमें अयोध्या के धार्मिक महत्व को बताने वाला श्लोक व उसका अनुवाद होगा तथा दूसरी पुस्तक में अयोध्या मंदिर उसके इतिहास और राम जन्मभूमि संघर्ष की जानकारी होगी , इसमें एक पुस्तक अप्रैल 2021 के अंत तक प्रकाशित हो जाएगी तब दूसरी पुस्तक इस वर्ष के जून तक प्रकाशित होगी । इन पुस्तकों का संपादकीय काम वाराणसी में हो रहा है ।

गोरखपुर का गीता प्रेस सनातन धर्म के साहित्य से जुड़ी पुस्तकों को जन-जन तक पहुंचाने मैं लगा हुआ है वही गीता प्रेस राम जन्मभूमि पर आधारित दो पुस्तकें जल्द ही प्रकाशित करेगा जो आमजन तक जल्द ही पहुंचेगी ,आपको बता दें गीता प्रेस अयोध्या दर्शन और अयोध्या महात्म्य नाम से 2 पुस्तकें प्रकाशित करने वाली है ,जिसमें अयोध्या के धार्मिक महत्व को बताने वाले श्लोक अनुवाद प्रकाशित रहेंगे और  दूसरी पुस्तक अयोध्या मंदिर के इतिहास राम जन्म भूमि के लिए किए गए संघर्ष मंदिर में होने वाली स्तुति की जानकारी देगी। इसमें एक पुस्तक अयोध्या दर्शन के नाम से प्रकाशित होगी जो 128 पृष्ठ की होगी जिसमें श्री राम जन्मभूमि के बारे में अयोध्या का संक्षिप्त इतिहास पंचकोसी परिक्रमा अयोध्या में मुक्ति, त्याग  के बारे में जानकारी दी हुई रहेगी। इस पुस्तक में श्री राम जन्मभूमि के लिए किए गए संघर्ष के बारे में भी बताया गया है। दूसरी पुस्तक जो अयोध्या महात्म्य नाम से प्रकाशित होगी इसमें अयोध्या के महापुरुष से संबंधित सभी श्लोक जिनका अनुवाद भी होगा प्रकाशित होगा यह पुस्तक 450 पृष्ठ की होगी।

गीता प्रेस के मैनेजर लाल मणि तिवारी ने बताया की दो पुस्तकें तैयार हो रही हैं, एक का नाम अयोध्या दर्शन है और दूसरे का नाम अयोध्या महात्म्य है, पुस्तक के नाम से ही स्पष्ट है कि अयोध्या महात्म्य यह शास्त्रीय आधार पर है जो शास्त्रों में अयोध्या के महात्म्य अयोध्या के महत्व से संबंधित श्लोक है। वह मूल श्लोक और उनका अर्थ यह प्रकाशित किया जा रहा है उसमें और दूसरी पुस्तक अयोध्या दर्शन में अयोध्या का इतिहास है। राम जन्मभूमि के संघर्ष की गाथा है। अयोध्या में अगर किसी का शरीर त्याग होता है उसका उसको क्या पुण्य मिलता है। अयोध्या के मंदिरों के विषय में जो प्रसिद्ध मंदिर हैं उनके विषय में चर्चाएं हैं अयोध्या के मंदिर में होने वाले स्थितियों के विषय में चर्चा है। अयोध्या के विषय में जानने के लिए उनके मंदिरों के विषय में जानने के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण पुस्तक है। अयोध्या दर्शन यह हम इस अप्रैल में तैयार कर लेंगे, दूसरी पुस्तक क्योंकि इसका संस्कृत श्लोक और उसके अनुवाद के साथ काम चल रहा है। उसमें थोड़ा समय लग रहा है उस पुस्तक को छापने में जून तक का समय इसमें लग सकता है। हमारी जो भी पुस्तके होती हैं ऑल ओवर इंडिया की ब्रांच में वो जाती हैं। हमारे 20 ब्रांच है और सभी ब्रांच पर पुस्तके जाती है उनसे लगभग ढाई हजार बुकसेलर जुड़े हुए हैं। उन सभी जगहों पर जाती है लेकिन देश में सबसे प्रमुख स्थान होगा वह अयोध्या के साथ-साथ जो हिंदी भाषी क्षेत्र होगा। हमारी उन ब्रांच पर और पुस्तक विक्रेताओं के पास अवश्य पहुंचाने की योजना है ताकि लोग इसके विषय में जान सकें।

वही मीडिया से बात करते हुए गीता प्रेस के ट्रस्टी देवी दयाल अग्रवाल ने बताया कि अयोध्या में मंदिर अनादि काल से रहा है और आज इसका वृहद रूप में नव निर्माण होने जा रहा है, हम तो शास्त्रों में देखते हैं हमारे यहां से जितने भी पुराण और विशिष्ट शास्त्र निकले हुए हैं प्रायः सभी ग्रंथों में अयोध्या का और राम लला का वर्णन आता है। जो भी ग्रंथ देवी देवताओं का विशिष्ट रूप से रहता है उनके साथ रामजी का महत्व तो है ही और अयोध्या का भी है आज जो ग्रंथ हम निकाल रहे हैं विशेष रूप से अयोध्या पर है उस में मुख्य रूप से जो हमारे मंदिर हैं शास्त्रों में वर्णित है या वर्तमान में है उनके बारे में दर्शकों को जो वहां जाएं उनको जानकारी हो जाए उसके महत्व का पता चल जाए शास्त्रों से जो श्लोक दिए हुए हैं उनके अर्थ के साथ इस पुस्तक में विशेष रूप से देने की योजना है इस पर काम चल रहा है हमारे जो राधेश्याम खेमका जो जो कल्याण के संपादक हैं वह इसका काम देख रहे हैं।

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